समाज!
न आपकी कामयाबी पर
हमेशा ताली पीटता है
और
न ही, आपकी मुफ़लिसी पर
हमेशा सहानुभूति प्रकट करता है•••
समाज!
आपका मखौल,
बेरोकटोक हमेशा उड़ा सकता है
बहुत सतत और निर्मम होकर।

-रूपेश कुमार सिंह
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