google-site-verification=bXggfW-xhgcaGfncp5P0s3GqJbEEeHi6y545dLUDF4U

हम अमेरिका बनने लगे हैं : क्या हुआ कि नर्सरी के बच्चे ने तीसरी के बच्चे को गोली मार दी?

Share this post on:
  • पलाश विश्वास

हमें बहुत गर्व होता है कि बच्चे मशीन, मोबाइल या कंप्यूटर तेज चलाते हैं। हमसे भी बेहतर। अब भारत के अमेरिका बनने के विकसित भारत के लक्ष्य के लिए 2047 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं रही। अमेरिका में जैसे स्कूली बच्चे स्कूल में धुआंधार गोली चलाकर सहपाठियों की हत्या कर देते हैं, वैसे ही कारनामा भारत में नर्सरी के बच्चे भी कर सकते हैं।

अमेरिका की तरह हमारे बच्चे भी बंदूक चलाने लगे हैं। ओलंपिक में निशानेबाजी से अब सोना चांदी की बरसात होने वाली है शायद। गर्व हो रहा है ऐसे विकास से? बिहार के सुपौल में नर्सरी का छात्र बंदूक बैग में रखकर स्कूल ले गया और तीसरे क्लास के स्टूडेंट को गोली मार दी।

गोली उसके बांह में लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हम जैसे सेकुलर और प्रगतिशील लोग थोड़ा डर भी जाएं तो क्या? बच्चे हथियारों को खिलौना समझने लगे हैं, तो अग्नि वीर की न्यूनतम उम्र क्यों होनी चाहिए? अब हर स्कूल में अग्निवीर तैयार होंगे।

डरपोक होंगे और शायद देशद्रोही भी। वे मां बाप को हिंसा और घृणा की इस खिलखिलाती संस्कृति से अपने बच्चों को पढ़ने लिखने की संस्कृति में लौटाने की कोशिश करेंगे। बच्चों की निगरानी करेंगे और स्कूल भेजने से पहले देखेंगे कि स्कूल बैग में बंदूक तो नहीं है? बिहार के सुपौल जिले के लालपट्टी इलाके में स्थित प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले नर्सरी क्लास के छात्र ने 10 साल के बच्चे को गोली मार दी।

हाथ में गोली लगने से छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, पांच साल का बच्चा अपने बैग में हथियार छिपाकर ले गया था। इस घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। सूचना के बाद स्कूल में पहुंची पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर पांच साल के बच्चे के पास हथियार कैसे पहुंचा।

पुलिस अधीक्षक शैशव यादव के अनुसार, “नर्सरी के छात्र ने 10 साल के लड़के पर गोली चला दी, जो उसी स्कूल में कक्षा 3 में पढ़ता है।गोली उसकी बांह में लगी. घायल लड़के को अस्पताल ले जाया गया है। हम ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर बच्चे के हाथ में बंदूक कैसे आई वह उसे स्कूल ले जाने में कामयाब रहा।”

छात्रों का बैग रोजाना चैक करें स्कूल: एसपी

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक ने कहा, “हम जिले भर के स्कूलों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कह रहे हैं कि छात्रों के बैग की नियमित आधार पर अच्छी तरह से जांच की जाए।इस घटना से माता-पिता और अभिभावकों में काफी चिंता पैदा हो गई है.”

बंदूक या पिस्तौल? मीडिया में कहीं कहीं पिस्तौल की बात भी लिखी कही जा रही है। जबकि एसपी बंदूक की बात कर रहे हैं। बंदूक क्या स्कूल बैग में छुपाई जा सकती है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *